गन्ना फसल में मिट्टी चढ़ाना वरदान, उपज में भारी इज़ाफा — किसानों से तुरंत 100 कि.ग्रा. ऑर्गेनिक पोटाश प्रति इकड़ प्रयोग करने का आग्रह
गन्ना फसल में मिट्टी चढ़ाना वरदान, उपज में भारी इज़ाफा — किसानों से तुरंत 100 कि.ग्रा. ऑर्गेनिक पोटाश प्रति इकड़ प्रयोग करने का आग्रह
बहराइच/गोड़हिया — क्षेत्र भ्रमण के दौरान पारले कंपनी के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने किसानों से कहा है कि इस समय गन्ना फसल में मिट्टी चढ़ाने का सर्वोच्च समय है। उन्होंने कहा कि मिट्टी चढ़ाने से फसल की बढ़वार तेज होती है, खरपतवार नियंत्रित होते हैं, जल निकास बेहतर होता है और पोषक तत्वों का अधिक अवशोषण सुनिश्चित होता है। परिणामस्वरूप उपज में भारी इज़ाफा और गन्ने का कम गिरना देखा जाता है।राठी ने किसानों से अपील की कि जिन किसानों ने अभी तक मिट्टी नहीं चढ़ाई है, वे तत्काल अपनी गन्ने की लाइनों में 100 कि.ग्रा. ऑर्गेनिक पोटाश प्रति इकड़ की दर से प्रयोग करके मिट्टी अवश्य चढ़ा दें। उन्होंने कहा, "गन्ना खेती अब एक व्यापार बन चुका है, इसलिए इसे व्यापारिक तरीके से करें ताकि प्रति इकड़ आय में मुनाफा सुनिश्चित हो सके।"उन्होंने स्थानीय गन्ना अधिकारियों व सुपरवाइज़रों के संपर्क नंबर अपने पास रखने की भी सलाह दी, ताकि किसी भी जरूरत या तकनीकी सहायता पर समय पर जानकारी प्राप्त की जा सके। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान एवं कंपनी के अधिकारी, जिनमें आदर्श व लव कुश शामिल थे, उपस्थित रहे। मुख्य लाभ-तेजी से वृद्धि और बेहतर पौध संवर्धन,खरपतवार नियंत्रण जल निकास में सुधार,पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण,गन्ने का कम झड़ना और उपज में वृद्धि,किसानों के लिए त्वरित सलाह:,लाइन में 100 कि.ग्रा. ऑर्गेनिक पोटाश प्रति इकड़ प्रयोग करें। मिट्टी चढ़ाने का काम प्राथमिकता से पूरा करें।
