Sep 28, 2026

September 28, 2026

भगत सिंह जयंती पर कांग्रेसजनों ने लिया लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

 भगत सिंह जयंती पर कांग्रेसजनों ने लिया लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

शहीद स्मारक और कांग्रेस भवन सभागार में आयोजित हुई संकल्प सभा

बहराइच। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने ‘आओ बलिदानियों से सीखें’主题क संकल्प सभा का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस भवन सभागार तथा शहीद स्मारक पर भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके सपनों का भारत बनाने और लोकतंत्र की सुरक्षा व सम्मान के लिए निरंतर संघर्षरत रहने का सामूहिक संकल्प लिया गया।सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता विनय सिंह ने कहा कि भगत सिंह केवल अतीत का हिस्सा नहीं, बल्कि देश के भविष्य के प्रेरणास्रोत भी हैं। जिलाध्यक्ष शिवेन्द्र सिंह ने कहा कि भगत सिंह शोषित, वंचित और सर्वहारा वर्ग के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को देश, समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर भावेश पाठक, जियाउद्दीन, इशरत खान, अवधराज पासवान, शिवा पहलवान, त्रिलोकी नाथ, महताब आलम, रसीद अहमद, सिद्धनाथ श्रीवास्तव, हनीफ भाई, तारिक बेग, जगदीश सिंह, स्वदेश कुमार सिंह, बबलू महराज, मुनऊ मिश्रा और वंशराज सहित तमाम कांग्रेसजनों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें देश और समाज का प्रकाशस्तंभ बताया।

September 28, 2026

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल मार्च,CEC ज्ञानेश कुमार का मांगा इस्तीफा

लखनऊ - कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया, कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लालबाग से जनपथ EC दफ्तर तक पैदल मार्च किया लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में उन्हें रोक दिया।
September 28, 2026

सीएम योगी की मंशा को धरातल पर उतार रहीं मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, 30 साल पुराने नजूल भूमि प्रकरण में बड़ा मोड़



गोण्डा  - करीब 30 साल से सरकारी नजूल भूमि को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की सतत निगरानी और प्रभावी पैरवी के बीच सरकारी भूमि विवाद में वादी दयानंद मिश्रा ने न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र देकर आगे पैरवी न करने और कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया है। इससे भी अहम यह कि दयानंद मिश्रा ने सरकारी भूमि से अपना 30 साल पुराना कब्जा भी स्वयं हटा लिया है। लंबे समय से न्यायालय में लंबित इस प्रकरण में घटनाक्रम अब शासकीय भूमि की सुरक्षा और उसके निर्धारित उपयोग की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यह मामला गोंडा में आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित नजूल भूखंड संख्या 514, 515, 524 और 525 से संबंधित है। प्रकरण वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित था। वर्ष 2008 में स्थगन आदेश पारित होने के बाद भी सरकारी भूमि से जुड़े मामले में विधिक पैरवी जारी रही। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के अभियान के दौरान यह पुराना प्रकरण प्रशासन के संज्ञान में आया।
तीन दशक पुरानी फाइल पर कमिश्नर की नजर
सरकारी भूमि से जुड़े इस पुराने प्रकरण की जानकारी सामने आने के बाद मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले की लगातार समीक्षा की। अभिलेखों और न्यायालयीन स्थिति की पड़ताल कराते हुए संबंधित अधिकारियों को सरकारी पक्ष मजबूती से रखने और शासकीय हितों की रक्षा के लिए प्रभावी विधिक पैरवी के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान भूमि पर अवैध विद्यालय संचालित होने की बात भी सामने आई थी। प्रशासन ने मौके की स्थिति की पड़ताल कराई तो वर्तमान में वहां कोई भी विद्यार्थी और शिक्षक नहीं मिला। इसके बाद भूमि की मौके पर स्थिति की भी निगरानी की गई।
कोर्ट में पीछे हटे, मौके से भी कब्जा हटाया
प्रकरण में वादी/अतिक्रमणकारी दयानन्द मिश्र, एडवोकेट, निवासी ग्राम छावनी सरकार आनंदपुरी, सिविल लाइन, गोंडा की ओर से न्यायालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें वाद में आगे पैरवी न करने तथा कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया गया है।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि संबंधित पक्ष ने न्यायालय में कानूनी पैरवी से पीछे हटने के साथ ही मौके से अपना कब्जा भी हटा लिया। यानी तीन दशक से लंबित विवाद में अब अदालत की कार्यवाही के स्तर पर भी बदलाव आया और जमीन की भौतिक स्थिति भी बदल गई।
*1997 से चली फाइल, 2026 में कब्जे से बाहर हुई जमीन*
वर्ष 1997 में शुरू हुए इस विवाद को न्यायालयीन प्रक्रिया में करीब तीन दशक हो चुके हैं। 2008 के स्थगन आदेश के बाद भी मामला लंबित रहा। अब 2026 में वादी के शपथ-पत्र और मौके से कब्जा हटने के बाद प्रशासन के सामने इन भूखंडों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित इन भूखंडों को अब सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
पुराने मामलों की भी हो रही समीक्षा
शासकीय भूमि के संरक्षण और अवैध कब्जों से मुक्ति के लिए प्रशासन स्तर पर पुराने एवं लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में तीन दशक पुराने इस नजूल भूमि प्रकरण की फाइल फिर खुली और न्यायालयीन स्थिति के साथ मौके की वास्तविक स्थिति भी परखी गई। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की निगरानी में सरकारी भूमि से जुड़े इस प्रकरण में हुई कार्रवाई के बाद अब पूरा फोकस जमीन की सुरक्षा और उसके शासकीय उपयोग पर है।
वर्जन
मुख्यमंत्री की मंशानुरूप शासकीय भूमि का संरक्षण व जनहित में उपयोग सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगभग 30 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में अंततः सत्य की विजय हुई और शासकीय भूमि कब्जामुक्त हुई। संबंधित पक्ष ने न्यायालय में आगे पैरवी न करने का अनुरोध करते हुए मौके से भी कब्जा हटा लिया है। अब भूमि को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा


September 28, 2026

सड़क हादसे में घायल सीओ नरेंद्र सिंह का निधन

इटावा - सड़क हादसे में घायल CO नरेंद्र सिंह की मौत हो गई,
यात्रा के दौरान आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस-वे हादसे में वह  घायल हो गए थे। सीओ नरेंद्र सिंह बाराबंकी में तैनात थे, वही हादसे में घायल सिपाही योगेंद्र सिंह का इलाज जारी है।
सीओ नरेंद्र सिंह की घटना के 2 दिन बाद सैफई PGI में इलाज के दौरान मौत हो गई।


September 28, 2026

कब्रिस्तान व पोलिंग बूथ तक पहुंचना दुश्वार,कच्चे रास्ते से ग्रामीण परेशान, कैसरगंज सांसद से पक्की सड़क की मांग


करनैलगंज /गोण्डा - स्थानीय तहसील क्षेत्र के करनैलगंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कचनापुर के मजरा बसुहा में कच्चे मार्ग की बदहाली से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। इससे आहत और नाराज ग्रामीणों ने सांसद कैसरगंज को प्रार्थना-पत्र देकर पक्की सड़क बनवाने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार अयोध्या कश्यप के घर से प्राथमिक विद्यालय बसुहा व कब्रिस्तान/श्मशान घाट तक जाने वाला कच्चा मार्ग ही एकमात्र रास्ता है। यही रास्ता कब्रिस्तान, श्मशान घाट, करबला और पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) तक जाता है।
 ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में इस कच्चे रास्ते पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है। इस दौरान अंतिम संस्कार, जनाजे और मतदान के दिन तो लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। सांसद को लिखे गए पत्र अवगत कराया गया है कि स्थिति यह है कि प्राथमिक विद्यालय बसुहा के अध्यापक-अध्यापिका भी अपनी गाड़ी अयोध्या कश्यप के घर के पास से 1.5 किमी पहले ही खड़ी कर देते हैं और कीचड़ में पैदल ही स्कूल आते-जाते हैं। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
कैसरगंज सांसद को दिए गए पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग का स्थलीय निरीक्षण/सर्वेक्षण कराकर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे ग्रामवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।

सांसद के नाम लिखे गए पत्र पर गांव के पूर्व प्रधान फरियाद, महंत लाल पाल, राम प्रसाद, अहमद प्रधान, प्रेम पाल, सीताराम गौतम, महंत गौतम, कौशल पाल, मो० शमी एडवोकेट, टड़कू सिंह, राम नारायण, बलजीत सिंह, अयोध्या कश्यप, धर्मेंद्र सिंह, इंद्रपाल शरीफ, जगपाल पाल, हिरन यादव सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।


September 28, 2026

मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव की उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति, पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा कंधों पर स्टार लगाकर किया गया अलंकृत




गोण्डा- जनपद उप में नियुक्त मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव की उप नि ओओलंपिक ⁹रीक्षक पद पर पदोन्नति के अवसर पर पुलिस कार्यालय में अलंकृत कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव वर्तमान में परिवहन शाखा, गोण्डा में नियुक्त थे। पदोन्नति के उपरान्त पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री अभिषेक द्वारा उनके कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें उप निरीक्षक पद से अलंकृत किया गया।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा पदोन्नत उप निरीक्षक रविंद्र यादव को उनके नवीन पद के दायित्वों के संबंध में शुभकामनाएं देते हुए कर्तव्यों का निष्ठा, ईमानदारी एवं अनुशासन के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पदोन्नति के साथ अधिकारी के दायित्वों में भी वृद्धि होती है, अतः अपने दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ निर्वहन करते हुए पुलिस विभाग की गरिमा एवं मर्यादा को बनाए रखें।

पदोन्नति के अवसर पर पुलिस कार्यालय में उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

Sep 27, 2026

September 27, 2026

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश, 72 घण्टे के अन्दर फसल क्षति की सूचना देने की अपील



फसल क्षति का समय से सर्वे कराकर किसानों को दिलाया जाएगा बीमा क्लेम:-जिलाधिकारी

बीमित किसान 72 घंटे के अंदर 14447 पर दें फसल क्षति की सूचना

कृषि विभाग में लिखित शिकायत भी दे सकते हैं किसान, संयुक्त टीम करेगी स्थलीय सर्वे

गोण्डा - जनपद में तेज आंधी एवं वर्षा के कारण किसानों की फसलों को हुई क्षति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से जिन-जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उनका समयबद्ध तरीके से सर्वे कराया जाए तथा नियमानुसार पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का क्लेम दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में राजस्व विभाग, कृषि विभाग एवं इफको टोकियो फसल बीमा कम्पनी की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्रों एवं खेतों में पहुंचकर फसलों को हुई क्षति का स्थलीय सर्वेक्षण करेगी। सर्वे के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र कृषकों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

उपनिदेशक कृषि संतोष कुमार द्विवेदी ने जनपद के समस्त सम्मानित कृषकों से अपील की है कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है और तेज आंधी एवं वर्षा के कारण उनकी धान अथवा मक्का की फसल को नुकसान हुआ है, वे फसल क्षति की सूचना घटना के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर 14447 पर अवश्य दर्ज कराएं। किसान फोन करते समय अपना नाम, ग्राम पंचायत का नाम, विकासखंड तथा तहसील का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराएं, ताकि फसल क्षति की सूचना संबंधित स्तर पर समय से दर्ज हो सके और आगे की कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो।

फसल क्षति से प्रभावित किसान अपनी लिखित शिकायत उप कृषि निदेशक कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा इफको टोकियो फसल बीमा कम्पनी में भी प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने किसानों से अपील की है कि वे फसल क्षति की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर अवश्य दें, जिससे संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित खेतों का समय से सर्वे कराया जा सके और नियमानुसार अधिक से अधिक पात्र कृषकों को फसल बीमा योजना का क्लेम दिलाया जा सके। 

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे क्षति की सूचना देने में विलंब न करें और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर सर्वे एवं दावा प्रक्रिया में सहयोग करें।