Gonda
August 22, 2026
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
कंट्रोल रूम सक्रिय, अधिकारी लगातार कर रहे बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण
गोण्डा - जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लगातार संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत लेखपालों को लाइफ जैकेट वितरित किए गए हैं। साथ ही नदी कटान से प्रभावित किसानों को नियमानुसार कटान राहत सहायता का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार लंच पैकेट एवं राहत किट का वितरण कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ छाता, टॉर्च, मच्छरदानी सहित अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार राहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जा रही हैं तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण प्रभावित किसी भी परिवार को भोजन, राहत सामग्री अथवा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। राहत वितरण कार्यों की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से दवा वितरण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही हैं तथा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भूसा वितरण कराया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को चारे की समस्या का सामना न करना पड़े।
बाढ़ से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल भी कराई गई है। इसके माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य में लगे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखा गया।
बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी एवं त्वरित सूचना के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला आपदा विशेषज्ञ, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं बाढ़ खण्ड के अधिकारी लगातार भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जा रही है तथा जरूरत के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर पूरी सतर्कता से नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।