Aug 13, 2026
कैसरगंज में तहसील चौपाल: एसडीएम ने गांव में सुनकर मौके पर हल करवाई तीन बड़ी शिकायतें
कैसरगंज में तहसील चौपाल: एसडीएम ने गांव में सुनकर मौके पर हल करवाई तीन बड़ी शिकायतें
कैसरगंज— तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) प्रशांत कुमार नायक ने गुरुवार को भखरौली मुंगेशपुर के मजरा बंभीवा स्थित कंपोजिट विद्यालय में चौपाल लगाकर सीधे ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और मौके पर ही तीन प्रमुख प्रकरणों का निस्तारण कराया।चौपाल में पहले मामले के रूप में गाटा संख्या 103 से जुड़ा सीमा विवाद सामने आया, जिसे बंभीवा निवासी अनिल कुमार मौर्य ने उठाया। घटना की गंभीरता देखते हुए एसडीएम ने तुरंत राजस्व टीम को मौके पर पैमाइश कराने के निर्देश दिए। राजस्व कर्मियों ने संबंधित पक्षों की उपस्थिति में भूमि की माप कराकर विवादित सीमा स्पष्ट कर दी और प्रकरण का समाधान कराया।दूसरे प्रकरण में गाटा संख्या 319 में स्थित कब्रिस्तान की पैमाइश का मामला था। प्रशासन ने आवश्यक नाप-जोख और जांच पूरी कराकर इस शिकायत का भी शीघ्र निस्तारण कर दिया। वहीं तीसरे मामले में चकमार्ग से जुड़ी समस्या पर भी मौके पर कार्रवाई कर ग्रामीण को राहत प्रदान की गई।एसडीएम प्रशांत कुमार नायक ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति को राजस्व संबंधी मामलों के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।चौपाल में नायब तहसीलदार सुरेंद्र वर्मा, भखरौली मुंगेशपुर के ग्राम प्रधान वेद सिंह तथा राजस्व विभाग की टीम और संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एसडीएम की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि प्रशासन इसी तरह गांवों में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनता रहेगा और मौके पर निस्तारण कराएगा तो जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छात्राओं को मिला पढ़ाई का बेहतर संसाधन
कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी बैनामा कराने के आरोपी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
पंच सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई विस्तृत चर्चा
स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई
6 चालान, 1 वाहन निरुद्ध; बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभियान 25 अगस्त तक जारी
बहराइच— परिवहन विभाग ने “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के तहत जिले में स्कूली वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी यातायात व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की संयुक्त निगरानी में हुई कार्रवाई में 06 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 01 वाहन को थाने में निरुद्ध कर दिया गया।परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर चल रहा यह विशेष प्रवर्तन अभियान 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के निर्देशन में परिवहन विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों की जांच की।जांच के दौरान वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, कर अदायगी, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की शत-प्रतिशत पुष्टि की गई। निर्धारित मानकों के अनुरूप न पाए जाने वाले 06 स्कूली वाहनों के चालान किए गए, जबकि 01 वाहन को थाने में निरुद्ध कर दिया गया। विभाग की इस कड़ी कार्रवाई से स्कूल वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही।100% फिटनेस व वैध परमिट सुनिश्चित करने का लक्ष्यपरिवहन विभाग के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित सभी स्कूली वाहनों की 100 प्रतिशत फिटनेस, वैध परमिट तथा विद्यालयी परिवहन सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना है, ताकि बच्चों को विद्यालय आने-जाने के दौरान किसी प्रकार का खतरा न रहे।अभियान के प्रथम चरण में विद्यालय प्रबंधन से संपर्क स्थापित कर उन्हें बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित वाहनों को नियमानुसार दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस, यातायात पुलिस एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से विशेष प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगीविभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध फिटनेस, बिना परमिट अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान, वाहन बंदी तथा अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के संबंध में सक्षम अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि उनके अधीन संचालित प्रत्येक स्कूली वाहन के आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रहें। वाहन की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, कर अदायगी और चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी जरूरी अभिलेख पूर्ण होने चाहिए। साथ ही विद्यालयी परिवहन सुरक्षा संबंधी निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए केवल वैध, फिट एवं सुरक्षित स्कूली वाहनों का ही इस्तेमाल कराएं। यदि किसी वाहन में सुरक्षा मानकों की कमी दिखाई देती है अथवा चालक द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को उपलब्ध कराएं।विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

