Gonda
September 03, 2026
मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन का किया औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई
निरीक्षण में छह कर्मचारी मिले अनुपस्थित, परियोजना अधिकारी डूडा कार्यालय के समस्त कर्मचारी भी रहे गैरहाजिर
साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था में मिली कमियां, सीडीओ ने जताई नाराजगी
विकास भवन में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के निर्देश
गोण्डा -
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास भवन स्थित विभिन्न शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, पंचायती राज विभाग, पंचायत स्थानीय, जल जीवन मिशन, भूमि संरक्षण, समाज कल्याण, कार्यक्रम विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा सहित अन्य कार्यालयों का जायजा लिया गया।
औचक निरीक्षण के दौरान कुल 06 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इसके अतिरिक्त परियोजना अधिकारी, डूडा कार्यालय के समस्त कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले।
मुख्य विकास अधिकारी ने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों के संबंध में कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनका एक दिवस का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्धता और कार्यालयीन अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों एवं शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। विकास भवन की गैलरी में प्रकाश व्यवस्था भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिली। इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित बरामदे में जर्जर एवं पुरानी अलमारी रखी हुई पाई गई, जिस पर भी मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि विकास भवन में स्थित सभी शौचालयों सहित पूरे परिसर की नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही बरामदे में रखी सभी पुरानी एवं अनावश्यक अलमारियों को हटाकर संबंधित कक्षों में व्यवस्थित रूप से रखा जाए, ताकि परिसर में अनावश्यक सामान न पड़ा रहे और कार्यालय का वातावरण सुव्यवस्थित बना रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालयों के सामने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास भवन में आने वाले अधिकारी, कर्मचारी एवं आमजन को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होना चाहिए। कार्यालयों में अनुशासन, समयबद्ध उपस्थिति और स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास भवन परिसर की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सुधार निरंतर सुनिश्चित किए जाएं, जिससे शासकीय कार्यों का सुचारु संचालन हो तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम-रोजगार, समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।