Feb 12, 2026
श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
फखरपुर, क्षेत्र के कोठवल कला में विगत कई दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन कथा व्यास आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री जी महाराज ने श्री कृष्ण रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनाया आचार्य जी ने कहा कि वैदिक सभी आठ विवाह में श्रेष्ठ गंधर्व विवाह का विस्तार से वर्णन किया कुंदनपुर नाम का एक देश था जिसमें भीष्मक नाम के राजा राज करते थे उनके पांच पुत्र थे रुक्मी, रुक्मरथ, रूकबाहु, रुकमकेश, रुकममाली था साथ में एक पुत्री थी जिसका नाम रुक्मणी था जो स्वयं आदि शक्ति जगदंबा थी एक दिन पिता भीष्मक ने रुक्मणी को सहेलियां के साथ खेलते हुए देखा तो सोचा कि रुक्मणी विवाह योग हो गई है इसका विवाह करना चाहिए इसके लिए भीष्मक ने मन ही मन श्री कृष्ण का चयन किया लेकिन बड़ा बेटा रुक्मी ने इस विवाह का विरोध किया रुक्मी चाहता था कि रुक्मणी का विवाह चंदेली नरेश दम घोष पुत्र शिशुपाल के साथ हो जिसका उसने लग्न पत्रिका भेज दिया था विवाह का दिन निश्चित हो गया था शिशुपाल अपनी बारात लेकर कुंदनपुर की ओर चला लेकिन रुक्मणी श्री कृष्ण से प्रेम करती थी इसलिए पत्र लिखकर ब्राह्मण को द्वारिका भेजा था पत्र पाकर भगवान कन्हैया कुंदनपुर आकर रुक्मणी के साथ विवाह किया भागवत की महिमा को समझाते हुए आचार्य जी कहते हैं कि भागवत ज्ञान का अथाह सागर है जिसमें पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं जो भी ठाकुर जी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है वह भव से पर हो जाता है प्रारंभ में भगवान श्री कृष्ण का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि सांदीपनि के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधो गोपी संवाद, उधो द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना , द्वारिका की स्थापना, एवं रुक्मणी विवाह, महारास में भगवान श्री कृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आवाहन किया और जीवात्मा से परमात्मा का मिलन हुआ जीव और ब्रह्म के मिलने को ही महारास कहते हैं भजन गायक रोहित मिश्रा, संतोष,दिलीप ने बस कभी श्याम आ जाए, आ जाइए श्री राधे राधे, राधे के चरणों से उड़ रही धूल, मोहे प्यारी लगे मुरली की तान, दौड़ी आई सांवरिया पर श्रोता भाव विभोर होकर झूमने लगे आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति आवश्यक है भगवत प्राप्ति के लिए निश्चय ही परिश्रम भी जरूरी है मुख्य यजमान सापत्नी देवनाथ सिंह ने पूजा आरती के पश्चात कथा श्रवण किया इस अवसर पर अजीत प्रताप सिंह, रवि सिंह, सूबेदार सिंह, अंकुर सिंह, राहुल सिंह, संदीप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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आखिकार घूसखोरी में फिर नप गए दारोगा एस एन यादव
मुकदमा लिखाने का आश्वासन देकर ली गई थी 2000 रुपए की घूस
डीआईजी की जांच में खुलासे के बाद हुए निलंबित, विभागीय जांच स्वीकृत
श्रावस्ती। बहराइच में तैनाती के दरान अपने कारनामों के लिए मशहूर उपनरीक्षक एस एन यादव एक बार फिर घूसखोरी में नप गए हैं । घूस की रकम लेने लेने के बाद पीड़ित द्वारा की गई डीआईजी शिकायत के बाद गोपनीय जांच में रुपए लेने की पुष्टि हुई । जिसके बाद डीआईजी के आदेश पर उप निरीक्षक एस एन यादव को निलंबित कर दिया गया है । वही एक अन्य उप निरीक्षक अंकुर वर्मा को भी निलंबित किया गया है । गौरतलब हो कि जनपद श्रावस्ती अंतर्गत कोतवाली भिनगा के हल्लाजोत निवासी फूलमती पत्नी जगत राम का पड़ोसी से विवाद हुआ था । जिसमें मुकदमा लिखने व विपक्षी के विरुद्ध कार्यवाही के आश्वासन की घुट्टी पिलाकर जेल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक एस एन यादव द्वारा पीड़ित से 2000 रुपए की घूस ली गई थी। उसके बाद मुकदमा भी नहीं दर्ज किया गया। इस पर पीड़ित द्वारा डीआईजी के भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी । शिकायत के बाद डीआईजी द्वारा भ्रष्टाचार के मामले को देखते हुए गोपनीय जांच करायी गयी । जिसमें आरोप सही पाए गए । आरोप सही पाए जाने के बाद श्रावस्ती पुलिस द्वारा भी मामले की जांच की गई । जिसमें भी आरोप सही पाए गए। जिस पर उपनिरीक्षक एस एन यादव को निलंबित कर दिया गया है। वही मामले में विभागीय जांच की संस्कृति कर दी गई है। ज्ञातव्य हो कि यह वही उपनिरीक्षक है जो बहराइच में मटेरा चौकी पर तैनाती के के दौरान घूसखोरी की रकम जेब में रखते हए 11 जनवरी 2020 को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था । बावजूद इसके तत्कालीन एसपी द्वारा मामले में निलंबन न करते हुए मात्र लाइन हाजिर कर इति श्री कर ली गई। वही बहराइच में तैनाती के दौरान कई अन्य घूसखोरी के मामले भी प्रकाश में आए थे पर कप्तान की मेहरबानी से बच निकले थे। वहीं जनपद गोंडा में भी तैनाती के दौरान दारोगा शेषनाथ यादव का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तत्कालीन एसपी संतोष कुमार मिश्रा द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब सवाल यह है कि घूसखोरी में बार-बार निलंबन के बाद भी दारोगा को सेवा विस्तार दिया जा रहा है । ऐसे दरोगा को जनहित में सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए।


