May 14, 2026

May 14, 2026

जिले के समस्त गो आश्रय स्थलों पर साफ सफाई, स्वच्छता बरतने के निर्देश- उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग



छोटे तथा बड़े गोवंश को अलग-अलग रखने की की जाय व्यवस्था- उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग


गोण्डा - कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष उ०प्र० गो सेवा आयोग उ०प्र० लखनऊ अतुल सिंह तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में जिलास्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। 

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद ने प्रतिभाग किया।

बैठक में समस्त गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की व्यवस्था पाई गयी जिस पर मा० उपाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी की प्रशन्सा की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिन गो आश्रय स्थल पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां साइलेज खिलाया जाय तथा समय से हरा चारा/साइलेज, भूसा तथा पशुआहार समय से कराया जाय।

गोवंश को पीने हेतु पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा पानी की चरही की नियमित साफ-सफाई की जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरही की ऊंचाई ऐसी हो कि बड़े पशुओं के साथ-साथ छोटे पशुओं को भी पानी पीने में किसी प्रकार की समस्या न हो।

कृषकों को जैविक खेती / प्राकृतिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खाद्य सामग्रियों में होने वाले रासायनिक खाद के प्रयोग को रोक कर जहर मुक्त अनाज, फल एवं सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। स्थानीय स्तर पर खेतों में रासायनिक खाद के बदले कम्पोस्ट / जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता फैलाया जाय।

गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए नवचार किया जाए। गोशाला में उपलब्ध गोबर तथा गो मूत्र से उपयोगी वस्तुओं यथा, गोबर के गमले, दिये आदि का उत्पादन कराया जाये। जनपद के नर्सरियों में गोबर से बने गमलों के इस्तेमाल से जहां एक ओर गोबर का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ पालीथिन के उपयोग में व्यापक रूप से कमी आयेगी तथा यूरिया पर निर्भरता घटेगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में बीमार तथा अशक्त गोवंश को पृथक रखने के लिए सिकवार्ड बनाये जायें तथा उनकी विशेष देखभाल की जाय। सिकवार्ड को चारों तरफ से ढक कर बीमार एवं अशक्त गोवंशों को पक्षियों आदि से बचाव सुनिश्चित किया जाय।

समस्त अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थलों में छायादार वृक्षों का रोपण अवश्य कराया जाय, जिससे गोवंश को गर्मी के मौसम में आवश्यक छाया मिल सके। राज्य सरकार द्वारा गो आश्रय स्थलों को दिये जाने वाले धनराशि का पूरी ईमानदारी के साथ सदुपयोग किया जाय। सभी संबंधित अधिकारीगण गोशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करायें तथा इसका अकंन निरीक्षण आख्या में भी करें।

गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लान्ट लगवाये जाये जिससे वैकल्पिक ऊर्जा उत्पन्न हो तथा वर्तमान की संकट का समाधान हो सकें। गाय का दूध अमृत के सामान है। ऐसे में पूज्यनीय महाराज जी की मंशानुसार स्वदेशी नस्ल की दुधारू गायों का सवर्धन किया जाय। इस क्रम में सभी लोगों के द्वारा सकारात्मक सोच एवं पूरी तन्मयता के साथ गो संवर्धन का कार्य किया जाय।

बैठक के दौरान अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग देवीपाटन मण्डल गोण्डा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गो सेवकों सहित समिति के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारीगण उपस्थित रहे।
May 14, 2026

हलधरमऊ में एजुकेशनल अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित





गोण्डा - दरसगाह इस्लामी स्कूल, हलधर मऊ में “एजुकेशनल अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना सकलेन अहमद ने किया, जबकि तालीमी नज़्म हाफिज अब्दुल अलीम द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के डायरेक्टर मोहसिन ख़ान ने की। इस अवसर पर विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती कनीज़ फातमा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक बेहतर समाज की बुनियाद अच्छी तालीम, सफ़ाई, अनुशासन और बेहतर ड्रेस से तैयार होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरू से ही साफ-सफाई की आदत डालनी चाहिए तथा स्कूल यूनिफॉर्म और सलीकेदार पहनावे से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी स्वच्छता, समय की पाबंदी और अच्छे व्यवहार पर भी विशेष ध्यान दें।

इंग्लिश अध्यापक फारूक अहमद ख़ान ने आए हुए सभी अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में जागरूकता और तरक्की लाई जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान कई अभिभावकों ने भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। अभिभावकों ने बच्चों की नियमित पढ़ाई, अनुशासन और नैतिक शिक्षा पर विशेष ज़ोर दिया।

अंत में संस्था के डायरेक्टर मोहसिन ख़ान ने अपने संबोधन में बच्चों की तालीम, तरबियत और अच्छे संस्कारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की उम्र सीखने, पढ़ने और अपने भविष्य को मजबूत बनाने की होती है। यदि कम उम्र में बच्चों के मन में केवल पैसे कमाने की सोच डाल दी जाए, तो उनका ध्यान पढ़ाई से हट जाता है और उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का नाम नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनने का जरिया भी है। बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, बड़ों का सम्मान, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी सिखानी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बनाएं, उन्हें मोबाइल और बेवजह की गतिविधियों से दूर रखें तथा नियमित रूप से स्कूल भेजें।

मोहसिन ख़ान ने यह भी कहा कि एक शिक्षित बच्चा ही आगे चलकर अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करता है। इसलिए हर माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलाने में कोई कमी न छोड़ें।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर टीचर्स रमेश कुमार, हाफिज अब्दुल रशीद फातमा, नूरी, कैफ़िया, तहमीना, राजकुमारी, अज़्म रिजवी, लायबा, संजीन पैरेंट्स सरदार ख़ान, रहमान ख़ान, ज़ाहिद, अली अहमद, हैदर ख़ान,  शहज़ाद ख़ान, हसीना, शबनम, सफ़िया, नूर आयशा, जूही ख़ान, शाहीन ख़ान आदि सैकड़ों अभिभावक शामिल हुए ।
May 14, 2026

कर्नलगंज में दो समुदायों के बीच विवाद ने बढ़ाई चिंता, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल




पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर,हमला- धमकी और मोबाइल तोड़ने का आरोप

करनैलगंज /गोण्डा - कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बरबटपुर गांव में दो समुदायों के बीच विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने गांव के ही कुछ लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने तथा मोबाइल फोन तोड़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस घटना ने स्थानीय कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। वहीं लगातार बढ़ रही अपराधिक घटनाओं के बीच कर्नलगंज पुलिस की कार्यशैली भी चर्चा और सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मलौना निवासी जगदीश उर्फ बब्लू तिवारी पुत्र हृदयराम तिवारी ने कोतवाली कर्नलगंज में दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि दिनांक 11 मई 2026 की शाम वह बरबटपुर बाजार सामान लेने गया था। इसी दौरान बरबटपुर निवासी जुनैद पुत्र शमसुल्ला, तौफीक पुत्र जमाल, इबरार पुत्र अज्ञात तथा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और भद्दी भद्दी गाली देने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडों व लात-घूंसों से हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिसके बाद आरोपियों ने दोबारा गांव में दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप यह भी है कि जब पीड़ित ने घटना का वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला तो आरोपियों ने मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया। पीड़ित ने तत्काल डायल-112 पुलिस को भी सूचना देने की बात कही है।पीड़ित ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। उपरोक्त घटना दो समुदायों से जुड़ी होने के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में अपराध और असामाजिक तत्वों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो ऐसी घटनाएं सामने नहीं आतीं।
नागरिकों के बीच चर्चा है कि कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार पुलिस व्यवस्था अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम साबित हो रही है।
क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि कर्नलगंज क्षेत्र में मारपीट, धमकी, दबंगई और अव्यवस्था की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ समय पर कठोर कार्रवाई न होने से दबंगों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं तथा उन्हें कानून का कोई भय दिखाई नहीं पड़ रहा है।
वहीं स्थानीय नागरिकों ने कर्नलगंज कोतवाल की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जाती, जिसके चलते अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन इसी तरह ढीला रवैया अपनाता रहा तो आने वाले समय में क्षेत्र की कानून व्यवस्था और अधिक बिगड़ सकती है।
May 14, 2026

जानलेवा हमले के आरोपी खुलेआम घूम रहे, गिरफ्तारी नहीं कर रही पुलिस



मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल व आईजी देवीपाटन रेंज से की सुरक्षा और तत्काल कार्रवाई की मांग

गोण्डा - जिले के कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है। आरोप है कि कर्नलगंज कोतवाली पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है,जबकि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार मुकदमा वापस लेने व समझौते का दबाव बनाते हुए जान-माल की धमकियां दे रहे हैं।
मामला कर्नलगंज कस्बे के बालकराम पुरवा मोहल्ले का है। कर्नलगंज कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0237/2026 के अनुसार पीड़ित गुड्डू पुत्र मोहम्मद हाशिम निवासी बालकराम पुरवा, कस्बा कर्नलगंज, बीते 28 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे इब्ने हसन निवासी बालकराम पुरवा, कर्नलगंज, उनके पुत्र तथा दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए लोहे की रॉड, हॉकी व पाइप जैसे घातक हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मोहल्ले के निवासी रानू द्वारा तत्काल डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 126(2) एवं 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही आईजी देवीपाटन रेंज को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन की होगी। 
गंभीर मामले में भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

May 14, 2026

मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक



गोण्डा - उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।

May 14, 2026

मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक



गोण्डा - उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।

May 14, 2026

प्रभारी मंत्री ने कैसरगंज CHC का निरीक्षण किया, तहसील में जनसुनवाई कर दिए निर्देश

 प्रभारी मंत्री ने कैसरगंज CHC का निरीक्षण किया, तहसील में जनसुनवाई कर दिए निर्देश

कैसरगंज, बहराइच। उत्तर प्रदेश के कृषि एवं बहराइच जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को कैसरगंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया और तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।मंत्री शाही ने CHC के ओपीडी, आईसीयू वार्ड, एक्स-रे रूम, साफ-सफाई व्यवस्था और दवा वितरण केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करते हुए मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं की स्थिति को भी परखा।

एक्स-रे रूम के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक्स-रे टेक्निशियन संध्या सिंह से प्रतिदिन किए जाने वाले एक्स-रे की संख्या के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि प्रतिदिन लगभग 45 एक्स-रे किए जाते हैं, जिस पर मंत्री ने संतोष व्यक्त किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं और उपचार व्यवस्था का फीडबैक लिया। मंत्री ने केंद्र पर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं एवं दवाएं समय से उपलब्ध कराने तथा अस्पताल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।CHC निरीक्षण के बाद मंत्री शाही तहसील पहुंचे, जहां तहसील सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तहसील कैसरगंज पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

इस मौके पर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी कैसरगंज गौरव वर्मा, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील धनवता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार, उप जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कैसरगंज, तहसीलदार कैसरगंज, सीएचसी अधीक्षक, थाना प्रभारी कैसरगंज, भाजपा कार्यकर्ता अनिल वर्मा तथा क्षेत्र के नागरिक मौजूद रहे। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, विद्युत विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।यह दौरा फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने की दिशा में सरकार की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।