Oct 1, 2026

October 01, 2026

मारपीट में घायल युवक ने तोड़ा दम, भारी फोर्स की मौजूदगी में अंतिम संस्कार सम्पन्न

बुलंदशहर - घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, बताया जा रहा है कि 4 दिन पूर्व मारपीट में सोनू घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मामले में आरोपी दीपक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है तथा अहमदगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया , पूरा मामला अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के बाद गांव से जुड़ा है।


October 01, 2026

गन्ना समिति के डायरेक्टर टी बी सिंह सिसई घाट से तेज बहाव वाले राप्ती नदी के धार में गिरे, एन.डी.आर.एफ. और प्रशासन द्वारा खोज बीन जारी



बलरामपुर/ जिला मुख्यालय के राप्ती नदी में बलरामपुर गन्ना समिति के उपाध्यक्ष व गन्ना डायरेक्टर व वरिष्ठ समाजसेवी तेज बहादुर सिंह पुत्र हरि भगत सिंह निवासी सेवरहा  मंगलवार रात करीब  रात 10.30  बलरामपुर के सिसई घाट पर बाढ़ देखने गए थे मध्य पुल पर पंहुचकर बाढ़ देखने के लिए मोटरसाइकिल खड़ीब कर चप्पल निकाले और नीचे देखने लगे संतुलन बिगड़ने के कारण बीच के तेज धार में गिर गए। कुछ देर बाद स्थानीय पुलिस एवं लोगों ने  देखकर स्थिति के बारे में बताया लेकिन तबतक कोई पता नहीं चल सका। टीबी सिंह के रिश्तेदार रन्नू सिंह बलरामपुर गन्ना समिति के  अध्यक्ष  और उनके पुत्र सतेंद्र बहादुर सिंह पप्पू ने लोगों के सहयोग से  खोज बीन शुरू कर दी।
लगभग पूरी रात सिसई से गौरा तक नदी के किनारे  एन डी आर एफ के सहयोग से खोजबीन करते रहे  लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
सुबह स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पुनः खोज अभियान शुरू हुआ पूरा दिन कोई शिनाख्त नहीं लग सका है।
परिजन काफी परेशान है गन्ना समिति के अध्यक्ष रन्नू सिंह ने सिद्धार्थनगर,बस्ती ,गोरखपुर और अगल बगल के जनपदों में लोगों को सूचित करते हुए टीबी सिंह के संबंध में किसी भी जानकारी के साझा करने की अपील करते हुए राप्ती नदी के किनारे किनारे और  झाड़ियों  तक जाकर  पता लगाने के लिए अपने परिजनों को तैयार किया है।रन्नू सिंह  और पुत्र पप्पू सिंह ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी को  भी टीबी सिंह जी कहीं दिखाई पड़े तो कृपया इन नंबरों पर सूचित करें सूचित करने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।
(संपर्क सूत्र–9453283704,
9721084455  एवं 
7379593915
रन्नू सिंह 
पप्पू सिंह)

Sep 30, 2026

September 30, 2026

सोनवार गांव में चार दिन से ट्रांसफार्मर फुंका, 800 की आबादी अंधेरे में, ग्रामीणों में आक्रोश


करनैलगंज/ गोण्डा - तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनवार में पिछले चार-पांच दिनों से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। ट्रांसफार्मर जलने से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। करीब 800 की आबादी वाले इस गांव में अंधेरा पसरा है। शिकायत के बावजूद विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीण रंजीत कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने से पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। समरसेबल न चलने से लोग हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं धान की फसल में पानी की जरूरत है, लेकिन सिंचाई ठप होने से किसान परेशान हैं। रात में अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत 1912 व स्थानीय अवर अभियंता से की गई, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता, करनैलगंज से मांग की है कि जनहित को देखते हुए गांव के ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के अंदर बदला जाए।
इस संबंध में अवर अभियंता हलधरमऊ से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।
September 30, 2026

विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही: बिना शटडाउन कराया काम, करंट से युवक की मौत, दो मासूम अनाथ


करनैलगंज, गोंडा। कोतवाली करनैलगंज के बालपुर चौकी क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। एलटी लाइन पर बिना शटडाउन के काम कराते समय करंट की चपेट में आने से एक 32 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सोहन लाल (32) पुत्र हरिराम निवासी हरसिंहपुर के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे सोहन लाल ठेकेदार के साथ कटरा फीडर के मैजापुर क्षेत्र में एलटी लाइन में आए फाल्ट को ठीक करने गया था। खंभे पर चढ़कर लाइन जोड़ते समय अचानक उसमें करंट दौड़ गया। करंट लगते ही सोहन गंभीर रूप से झुलस गया और खंभे से नीचे गिर पड़ा। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गांव में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा।

दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

सोहन लाल परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था और मजदूरी कर परिवार पालता था। उसके दो मासूम बेटे हैं - सत्यम (10 वर्ष) और शिवम (8 वर्ष)। पिता की असमय मौत से दोनों बच्चों के सिर से साया उठ गया है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों का आरोप - बिना शटडाउन के काम

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर विद्युत विभाग और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने बिना शटडाउन लिए ही सोहन को खंभे पर चढ़ा दिया। न तो सुरक्षा उपकरण दिए गए और न ही लाइन बंद कराई गई। यह सीधे-सीधे मानव हत्या है।

घटना की सूचना पर बालपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोंडा भेज दिया। हैरानी की बात है कि घटना के कई घंटे बाद तक विद्युत विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गोंडा से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार और संबंधित जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और मृतक के असहाय परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा व सरकारी सहायता दी जाए।
September 30, 2026

10 इंस्पेक्टर- उपनिरीक्षक इधर से उधर, हत्याकांड में निलंबित उपनिरीक्षक को फिर मिली चौकी, एसपी के दो आदेशों से उठे सवाल



गोंडा। कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर एसपी गोंडा अभिषेक द्वारा सोमवार 29 सितंबर को जारी दो तबादला आदेशों में कुल 10 निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को इधर से उधर किया गया है, लेकिन इन तबादलों ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। दो बड़े सवाल जो चर्चा में हैं।

1. निलंबित उपनिरीक्षक की फील्ड में वापसी कैसे?

सबसे बड़ा सवाल उपनिरीक्षक कमल शंकर चतुर्वेदी को लेकर है। इन्हें परसपुर थानाध्यक्ष रहते हुए बहुचर्चित विनोद साहनी हत्याकांड में लापरवाही और जांच में शिथिलता के आरोप में कुछ दिन पूर्व ही निलंबित कर पुलिस लाइन भेजा गया था। अब उसी उपनिरीक्षक को कर्नलगंज जैसे संवेदनशील थाने की महत्वपूर्ण भंभुआ चौकी का प्रभारी बना दिया गया है। महकमे में चर्चा है कि निलंबन के कुछ दिन बाद ही फील्ड पोस्टिंग से अनुशासन की कार्रवाई का औचित्य ही खत्म हो जाता है।

2. निरीक्षक की कुर्सी पर उपनिरीक्षक की तैनाती क्यों?

दूसरा बड़ा सवाल थानों की कमान को लेकर है। जिले के सबसे बड़े और अति संवेदनशील थानों में शुमार कर्नलगंज और नवाबगंज में नियमानुसार निरीक्षक रैंक के अधिकारी को थानाध्यक्ष बनाया जाता है, लेकिन इस आदेश में उपनिरीक्षक अभय सिंह को थानाध्यक्ष कर्नलगंज और उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह को थानाध्यक्ष नवाबगंज बना दिया गया है। जबकि चार निरीक्षक उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त निरीक्षक या अपराध शाखा में भेज दिया गया। इससे पुलिसिंग की गुणवत्ता और प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं।

आदेश के मुताबिक निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी को खरगूपुर से अपराध शाखा, दुर्गा प्रसाद को पुलिस लाइन से प्रभारी खरगूपुर, नरेन्द्र प्रताप राय को कर्नलगंज से प्रभारी एएचटीयू और अरविन्द कुमार कोरी को एएचटीयू से अपराध शाखा भेजा गया है। वहीं पवन कुमार को मनकापुर, श्रवण वर्मा को कोतवाली देहात और रमाशंकर राय को खरगूपुर में अतिरिक्त निरीक्षक बनाया गया है।
September 30, 2026

गोंडा जेल में बंद विचाराधीन कैदी की केजीएमयू में मौत पर हंगामा: बेटे ने कहा- स्वीट पॉइजन देकर राजनीतिक साजिश में हत्या



एसपी से दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग

गोण्डा - जिला कारागार गोंडा में निरुद्ध विचाराधीन कैदी रामगनेश पुत्र राम लखन निवासी जनपद गोंडा की लखनऊ केजीएमयू में हुई मौत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मृतक के बेटे ने पुलिस अधीक्षक गोंडा को शिकायती पत्र देकर पिता की मौत को स्वाभाविक नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश के तहत स्वीट पॉइजन देकर की गई हत्या बताया है और दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मृतक के बेटे ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि उसके पिता अभियोग संख्या 151/2019 धारा 307, 504, 506 SC/ST एक्ट के मामले में 28 जून 2026 से जिला कारागार गोंडा में निरुद्ध थे। जेल में रहने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

बेटे के गंभीर आरोप -

शिकायतकर्ता के अनुसार जेल में मुलाकात के दौरान उसके पिता कई बार बेहोश हो जाते थे। परिवार को आशंका है कि खाने में धीरे-धीरे असर करने वाला 'स्वीट पॉइजन' दिया जा रहा था। आरोप है कि मुकदमे के विपक्षी दिनेश प्रताप सिंह उर्फ विक्की व अन्य ने जेल प्रशासन के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और जेल चिकित्सकों से सांठगांठ कर पिता को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कराया और इलाज में जानबूझकर लापरवाही बरती गई।
बेटे का आरोप है कि तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर पिता को लखनऊ मेडिकल कॉलेज/केजीएमयू रेफर किया गया, जहां परिजनों को बिना सूचना और बिना सहमति के ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। जबकि इससे पहले परिवार ने जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर ऑपरेशन न करने की आपत्ति जताई थी। सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि पिता की मृत्यु के बाद विपक्षी दिनेश प्रताप उर्फ विक्की सिंह केजीएमयू अस्पताल में मृतक को देखने आया, जिसके बाद परिजनों को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। परिजनों ने लखनऊ के चौक मेडिकल कॉलेज थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए बेटे ने 8 सूत्रीय मांग की है कि उनके पिता रामगनेश पुत्र रामलखन के जेल में निरुद्ध होने से लेकर मृत्यु तक की पूरी घटना की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी/स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए। मृत्यु के संबंध में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर संबंधित दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए। जिला कारागार गोंडा में दी गई सभी दवाइयों, इंजेक्शनों एवं उपचार का पूरा विवरण प्राप्त कर उसकी जांच कराई जाए। जेल के मेडिकल रिकॉर्ड, मेडिकल रजिस्टर, दवा वितरण रजिस्टर, डॉक्टरों की रिपोर्ट तथा अन्य संबंधित अभिलेख तत्काल सुरक्षित कराए जाएं। लखनऊ मेडिकल कॉलेज/केजीएमयू के भर्ती रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, ऑपरेशन नोट, उपचार संबंधी दस्तावेज, डॉक्टरों की राय एवं मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित कराकर स्वतंत्र रूप से जांच कराई जाय। शरीर में किसी विषैले अथवा हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी की संभावना की जांच हेतु उपलब्ध विसरा/अन्य संरक्षित नमूनों की फोरेंसिक एवं टॉक्सिकोलॉजी जांच कराई जाए। यह जांच की जाए कि मेरे पिता का ऑपरेशन किन चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया गया तथा परिजनों को इसकी सूचना और सहमति के संबंध में क्या प्रक्रिया अपनाई गई। जिला कारागार एवं अस्पताल में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, विजिटर रिकॉर्ड, कॉल/अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेज तत्काल सुरक्षित कराए जाएं, ताकि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।
September 30, 2026

दहेज प्रताड़ना के 02 आरोपी अभियुक्तों को हुई 03 वर्ष व 01 वर्ष का कारावास व रूपये 11,000-11,000/- के अर्थदण्ड की सजा


गोण्डा - दिनांक 19.08.2019 को थाना को0 कर्नलगंज में नामजद 03 आरोपी अभियुक्तों के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमें थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा 03 आरोपी अभियुक्तों- 01. श्रीराम गोस्वामी, 02. मंशा देवी, 03. रामजग के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही कर आरोप पत्र न्यायालय रवाना प्रस्तुत किया गया था। 
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे को0 कर्नलगंज में पंजीकृत अभियोग मे मॉनिटरिंग सेल, सहायक अभियोजन अधिकारी नित्यानंद यादव, कोर्ट मोहर्रिर म0का0 दुर्गेश नंदिनी व को0 कर्नलगंज के पैरोकार म0का0 सारिका यादव की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप आज दिनांक 30.09.2026 को दोषी अभियुक्त श्रीराम गोस्वामी को 03 वर्ष का कारावास व दोषी अभियुक्ता मंशा देवी को 01 वर्ष के कारावास व 11,000-11,000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।