Feb 4, 2026

February 04, 2026

जमीनी विवाद में भिड़े दो पक्ष, हुई मारपीट, मामला दर्ज जांच में जुटी पुलिस

गोण्डा - जमीनी विवाद में करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए मर्डर की चर्चा जारी थी, तब तक नवाबगंज थानाक्षेत्र के मौहरी गांव में में जमीनी विवाद में मारपीट की खबर सामने आ गई। मिल रही जानकारी के मुताबिक जमीनी विवाद में दो पक्षों में कहासुनी व गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी।

February 04, 2026

पीड़ित महिलाओं को दिलाया जाय हरसंभव न्याय - एकता सिंह



उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने की जनसुनवाई, तथा निरीक्षण

गोण्डा - उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह का बुधवार को जनपद में आगमन हुआ। आगमन के उपरान्त उन्होंने सर्किट हाउस गोण्डा में महिला सम्बन्धी जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान कुल 06 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 02 प्रकरणों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कराया गया, जबकि शेष 04 प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये। सदस्य श्रीमती सिंह ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं संवेदनशील निस्तारण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी महिला के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राप्त प्रकरणों में पीड़ित महिलाओं को हरसंभव न्याय दिलाया जाय। जनसुनवाई से पूर्व श्रीमती सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हलधरमऊ का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात आंगनबाड़ी केन्द्र बटौरा बख्तावर सिंह का निरीक्षण कर बच्चों एवं महिलाओं को प्रदान की जा रही पोषण सेवाओं, पंजीकरण, उपस्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा कार्यकत्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इसके उपरान्त प्रशिक्षण संस्थान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, ए.एन.एम. तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ वार्ता/संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

 इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गयी एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के अन्त में दर्जीकुंआ स्थित शिवबहादुर द्वारा आयोजित चाय आमंत्रण कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। 

इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय उपाध्याय, जिला समाज कल्याण अधिकारी एस.पी. सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार, महिला थाना प्रभारी अनीता यादव, संरक्षण अधिकारी चन्द्रमोहन वर्मा, सेंटर मैनेजर चेतना सिंह, सिद्धनाथ पाठक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
February 04, 2026

गन्ना बुवाई का सुनहरा मौका: अधिक क्षेत्र में लगाएं स्वीकृत किस्में

 गन्ना बुवाई का सुनहरा मौका: अधिक क्षेत्र में लगाएं स्वीकृत किस्में

बहराइच/फखरपुर कोठवल कलां (पारले चीनी मिल क्षेत्र): ग्राम पंचायत कोठवल कलां में आयोजित मीटिंग में पारले कंपनी के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने किसानों से अपील की कि अभी गन्ना बुवाई का सबसे अनुकूल समय है। उन्होंने कहा, "खाली खेतों में तत्काल बुवाई करें। इस वर्ष अधिक क्षेत्रफल में लगाएं, क्योंकि मिल आपके क्षेत्र में ही है। बीज अभी पर्याप्त हैं, देरी से समस्या हो सकती है।"स्वीकृत प्रजातियां:सामान्य: 15023, 0118, 14201, 13235, 16202, 18231जलभराव प्रतिरोधी: 94184, 15466, 98014महत्वपूर्ण बुवाई सुझाव:खेत तैयार करते समय ट्राइकोडर्मा व जैविक खाद मिलाएं।अच्छी जुताई करें।पंक्ति दूरी 4 फीट से कम न रखें।अस्वीकृत किस्में (05191, 9302, 0233) न लगाएं—कंपनी अगले साल इनकी खरीद नहीं करेगी।शोधित गुणवत्ता बीज लें, बेहतर जमाव के लिए।राठी ने पेराई सुचारू रखने पर जोर देते हुए साफ-सुथरा, ताजा, जड़-अग्रोला रहित व मिट्टी मुक्त गन्ना लाने को कहा। पर्ची के अनुसार ही दें—अगेती पर अगेती, सामान्य पर सामान्य।मीटिंग में कुंवर संत पाल सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुन्ना शाहू, मुन्ना सिंह, संदीप सिंह, विपिन, कल्याण, हरिशंकर सिंह, राहुल सिंह, सुधीर सिंह मल्लन, अजित सिंह, राजन सिंह, चंदन सहित बड़ी संख्या में किसान व मिल अधिकारी दीपक श्रीवास्तव, शरीफ अंसारी मौजूद रहे।

February 04, 2026

सीएमओ ने सील किया फर्जी अस्पताल

हापुड़ - सीएमओ सुनील त्यागी की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, उन्होंने देहात थानाक्षेत्र में चल रहे 
 फर्जी अस्पताल को अधिकारियों ने सील कर दिया है। वह अस्पताल बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहा था , वहीं जिले में संचालित अन्य कई फर्जी अस्पताल व क्लीनिक अब सीएमओ के निशाने पर हैं। 
February 04, 2026

स्व.पंडित सिंह की बहू पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत को नोटिस, सदर के BLO को दी जा रही धमकी


गोण्डा - जहां एक ओर पूरे देश में और खास तौर पर दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश में हो रहे एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग खासा परिश्रम कर रहा है वहीं अब मतदाताओं को अनावश्यक नोटिस देने का दौर शुरू हो गया। इसी क्रम में गोण्डा जिले की सदर विधानसभा सीट से पूर्व सपा प्रत्याशी सूरज सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह को नोटिस देकर पुनः एसआईआर कराने के लिए कहा गया है। मूल रूप से वजीरगंज ब्लाक के बल्लीपुर गांव निवासी और पूर्व मंत्री स्वo पंडित सिंह के परिजन सूरज सिंह और पत्नी श्रद्धा सिंह को प्रशाशन ने नोटिस दी है। इसी क्रम में सूरज सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो जारी कर सरकार और प्रशासन के अलावा चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। सूरज सिंह ने वीडियो के माध्यम से बताया कि गैर भाजपाइयों और समुदाय विशेष के लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में उलझाकर उनको परेशान किया जा रहा है। समुदाय विशेष और समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं का वोट मतदाता सूची से हटवाने की मंशा से प्रशासन ऐसा काम कर रहा है। सपा नेता सूरज सिंह ने डीएम, एडीएम और एसडीएम गोण्डा को फ़ोन एवं पत्र के माध्यम से एवं तरबगंज एसडीएम को पत्र लिखकर यह बात पूछी है कि उनका और उनकी पत्नी श्रद्धा सिंह को नोटिस किस नियत से दिया गया है। सूरज सिंह ने आगे बताया कि 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम था और उसी सूची से मैपिंग भी कराई गई थी बावजूद इसके उनका नाम नो मैपिंग में डालकर उनको नोटिस थमा दी गई है। 

सपा नेता ने कहा कि विधानसभा गोण्डा सदर के BLO को जबरन दबाव बनाकर मतदाताओं को परेशान करने के लिए भाजपा के लोगों द्वारा फॉर्म 7 भरकर उपलब्ध कराये जा रहे हैँ। BLO के जमा लेने से मना करने पर उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है।  BLO को परेशान करने का साक्ष्य भी उपलब्ध है जिसे सुनवाई न किये जाने पर सार्वजनिक किया जायेगा और चुनाव आयोग को साक्ष्य भेजे जायेंगे। सपा नेता ने कहा कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहा तो इसके लिए आंदोलन होगा और आयोग और प्रशाशन की इस मनमानी के लिए युद्ध स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
February 04, 2026

भाजपा नेता को गोली मारने वाले अरेस्ट

गोरखपुर - भाजपा नेता को गोली मारने के मामले में पुलिस ने एक नामजद समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। बता दें कि एक स्कूल के प्रबंधक व भाजपा नेता राधे मोहन सिंह को बाइक सवार हमलावरों द्वारा गोली मारी गई थी, पीठ में गोली लगने से वह घायल हो गया थे। आरोप है कि गगहा क्षेत्र के कैथवलिया बंधे के पास 2 बाइक से आए 4 बदमाशों द्वारा फायरिंग कर भाजपा नेता को घायल कर दिया गया था।


 
February 04, 2026

जीत गए अनुदेशक! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, यूपी सरकार को तगड़ा झटका—नौकरी पक्की, ₹17,000 मानदेय मंजूर

 जीत गए अनुदेशक! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, यूपी सरकार को तगड़ा झटका—नौकरी पक्की, ₹17,000 मानदेय मंजूर

लखनऊ, 4 फरवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सरकारी जूनियर स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों को ऐतिहासिक राहत दी। कोर्ट ने उनकी नौकरी को सुरक्षित घोषित किया, ₹17,000 मासिक मानदेय को सही ठहराया और यूपी सरकार की अपील खारिज कर दी। 10 वर्षों की लगातार सेवा के कारण अनुदेशकों को "डीम्ड परमानेंट/फुल टाइम" माना गया। संविदा खत्म होने पर भी सेवा स्वतः समाप्त नहीं होगी—यह कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी है।कोर्ट के प्रमुख निर्देश नौकरी सुरक्षित: उत्तर प्रदेश के सरकारी जूनियर स्कूलों में अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। लगातार सेवा से पद स्वतः सृजित माना गया।₹17,000 मानदेय मंजूर: सुप्रीम कोर्ट ने इस राशि को 2017-18 से प्रभावी करार दिया। अगले संशोधन तक यही मान्य रहेगी।सरकार की अपील खारिज: मानदेय बढ़ाने के खिलाफ यूपी सरकार की SLP को रद्द कर दिया।अनुचित श्रम पर सख्ती: 2013 से ₹7,000 मानदेय को "अनुचित श्रम व्यवहार" कहा। संविधान के अनुच्छेद 23 (जबरन श्रम निषेध) का हवाला देकर कोर्ट ने चेताया—₹17,000 से कम देना असंवैधानिक।पुनरीक्षण का अधिकार: अंशकालिक शिक्षकों को नियत अवधि पर मानदेय बढ़ाने का पूरा हक।भुगतान समयसीमा: 1 अप्रैल 2026 से नियमित भुगतान शुरू। 4 फरवरी 2026 से 6 महीने में 2017 से अब तक का पूरा बकाया (एरियर) चुकाना अनिवार्य।कोर्ट ने सरकार से तीखा सवाल किया: "जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया—मानदेय देने में दिक्कत क्या है?"संघर्ष की कहानी और प्रभाव यह फैसला अनुदेशकों के वर्षों के संघर्ष की जीत है, जो शिक्षा, सम्मान और अधिकार तीनों की मिसाल है। 2013 में नियुक्त ये शिक्षक ग्रामीण यूपी (लखनऊ, बहराइच समेत) की प्राथमिक शिक्षा की आधारशिला हैं। कम मानदेय से परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट से राहत ली, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा। प्रदेश के 1.5 लाख अनुदेशक अब बिना डर के पढ़ा सकेंगे, जिससे स्कूलों की staffing मजबूत होगी।अनुदेशक संघ के नेता ने कहा, "कोर्ट ने हमारा हक दिलाया। सरकार अब देरी न करे।