Sep 18, 2026

September 18, 2026

‌बालक भगवान इंटर कॉलेज विशुनपुर संगम स्कूल पर आरटीआई की मार, शिक्षकों की डिग्री और नियुक्ति पर खड़े हुए गंभीर सवाल



गोण्डा  - जिले के शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक विशुनपुर संगम भटपुरवा में संचालित श्री बालक भगवान इंटर कालेज एक बार फिर चर्चा में है आपको बता दें यहां के विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की संख्या उनकी नियुक्ति प्रक्रिया व शैक्षिक योग्यता को लेकर चार बिंदुओं पर जनसूचना अधिकार के तहत जवाब मांगा गया है। आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र में चार बिंदुओं पर प्रमाणित दस्तावेजों की मांग की है।पहला,विद्यालय में वर्तमान समय कुल कितने अध्यापक कार्यरत हैं और उनके नाम पद और विषय वार सूची दूसरा, विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पवन कुमार शुक्ला पुत्र सत्य प्रकाश की नियुक्ति से संबंधित अभिलेख ‌ मानदेय,व‌ इनकी शैक्षिक योग्यता ‌ तीसरा, राजकीय,अशासकीय ‌ सहायता प्राप्त विद्यालय में शिक्षक भर्ती के लिए‌ सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता का शासनादेश और चौथा,‌ क्या उक्त विद्यालय के सभी शिक्षक उक्त मानकों को पूरा करते हैं। जिसकी इसकी विभागीय आख्या जो मुहर के साथ सत्यापित की गई हो। स्थानीय लोगों ने आक्रोशित लहजों में बताया है कि ‌यह विद्यालय लंबे समय से संचालित हैं लेकिन यहां के शिक्षकों की योग्यता को लेकर हमेशा असमंजस बना रहता है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई ‌ सूचना पर अब यहां के सभी लोगों की निगाहें बीएसए ‌ कार्यालय गोंडा के जवाब पर टिकी हुई हैं। नियमानुसार 30 दिनों के अंदर सूचना उपलब्ध करानी होगी। जवाब आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
September 18, 2026

28 साल पुराने बैनामे में जालसाजी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ एफआईआर


कथित हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का मामला, दो शिक्षक शामिल एक अन्य

गोण्डा  - करनैलगंज तहसील क्षेत्र में करीब 28 साल पुराने जमीन के बैनामे में कथित हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गोंडा के आदेश पर करनैलगंज कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में दो लोगों के शिक्षक होने की बात भी सामने आई है।
करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करुवा पोस्ट उसरैर निवासी रुद्र नारायण सिंह (59) और राम बचन सिंह (54) पुत्रगण देवशरन सिंह ने दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि उन्होंने 9 जुलाई 1998 को ग्राम सकरौरा ग्रामीण, परगना ग्वारिच में स्थित अपनी आराजी की सात गाटा संख्या—3274/2.97, 3279/0.13, 3280/0.62, 3300/0.008, 3301/0.10, 3349/0.62 और 3350/0.53, कुल 5.05 एकड़ में से 1/12 हिस्सा यानी करीब 0.42 एकड़ का बैनामा रामकुमार मौर्या निवासी मोहल्ला बम्पुलुस करनैलगंज और हरि प्रसाद मौर्या निवासी करनैलगंज देहात के पक्ष में किया था। इसका नामांतरण 6 नवंबर 1998 को हो गया था।

सरकारी अभिलेख में हेराफेरी का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत उपनिबंधक कार्यालय करनैलगंज में सुरक्षित बैनामे की सरकारी प्रति में भी कथित जालसाजी की। आरोप है कि मूल गाटा संख्या 3280/0.62 को काटकर 3256/4.62 कर दिया गया। इसके साथ ही कुल रकबा 5.05 एकड़ से बढ़ाकर 9.05 एकड़ तथा 1/12 हिस्सा (0.42 एकड़) की जगह 0.85 एकड़ और 5/12 दर्शा दिया गया। पीड़ित के मुताबिक इस कथित जालसाजी का खुलासा 6 दिसंबर 2016 को हुआ, जब गाटा संख्या 3256 की नकल निकलवाई गई। इसमें इंद्रप्रताप सिंह पुत्र माता प्रसाद का नाम दर्ज मिला। पीड़ितों का कहना है कि न तो उन्होंने और न ही इंद्रप्रताप सिंह ने उक्त जमीन का बैनामा किया था। आरोप है कि तीसरे आरोपी के सहयोग से पहले और दूसरे आरोपी ने फर्जी तरीके से जमीन का पुनः नामांतरण अपने नाम करा लिया।

शिकायत पर धमकी देने का आरोप

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शिकायत करने अथवा जमीन का नाम लेने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने आरोपियों पर दबंगई और भूमाफिया प्रवृत्ति का भी आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कृष्ण कुमार मौर्या सरकारी अध्यापक और हरि प्रसाद मौर्य सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। पीड़ितों ने स्थानीय थाने के साथ 22 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक गोंडा से शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय के आदेश पर 16 सितंबर 2026 को करनैलगंज कोतवाली में हरि प्रसाद मौर्य, कृष्ण कुमार मौर्य निवासी करनैलगंज देहात और रामकुमार मौर्य निवासी मोहल्ला बम्पुलुस के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना निरीक्षक रमाशंकर राय को सौंपी गई है। आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।
September 18, 2026

वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान की पत्नी ने मोतीगंज थाना और डीएम को पत्र देकर आरोपी लेखपाल के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की


गोण्डा  - भ्रष्टाचार,अवैध वसूली,पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही एवं फर्जी आख्या प्रेषित कर वरिष्ठ पत्रकार की मृत्यु का कारण बनने वाले दोषी प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा के विरुद्ध निलंबन, विधिक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज कराने की मांग पत्नी सायरा ने की है।
पत्नी सायरा बानो ने दिये पत्र में कहा है कि मेरे पति एक गंभीर एवं अत्यंत जानलेवा बीमारी से ग्रस्त थे,जिनके इलाज का कुल अनुमानित व्यय लगभग 7 लाख रूपये था। शासन द्वारा मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए पूर्व में 'मुख्यमंत्री राहत कोष' के अंतर्गत दिनांक 12अगस्त26 को 2 लाख रूपये की आंशिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई थी। इलाज जारी रखने तथा शेष अति आवश्यक सहायता राशि प्राप्त करने हेतु नियमानुसार पुनः आवेदन प्रेषित किया गया,जिसकी पारदर्शी भौतिक स्थल जांच का दायित्व क्षेत्रीय प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा को सौंपा गया था।लेकिन प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा ने इस अत्यंत मानवीय एवं अति-संवेदनशील मामले को अवैध उगाही का माध्यम बना लिया। उन्होंने अनुकूल जांच आख्या लगाने के एवज में मेरे पति से रिश्वत की अनुचित मांग की तथा उनके अत्यंत नाजुक स्वास्थ्य के बावजूद उन्हें बार-बार बुलाकर अत्यंत प्रताड़ित किया। रिश्वत देने में असमर्थता व्यक्त करने तथा शैयाग्रस्त होने के कारण न पहुँच पाने से क्रुद्ध होकर लेखपाल ने अपने पदीय दायित्वों का घोर उल्लंघन किया और उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए असत्य व भ्रामक आख्या भेज दी।
लेखपाल के इस दुर्भावनापूर्ण,भ्रष्ट व आपराधिक कृत्य के कारण शासन से समय पर अवशेष आर्थिक सहायता स्वीकृत नहीं हो सकी,जिसके चलते समुचित व निरंतर इलाज के अभाव में 15 सितंबर को मेरे पति की असमय मृत्यु हो गई। मृत्युशैया पर जाने से पूर्व मेरे पति ने लेखपाल द्वारा किए गए इस उत्पीड़न, रिश्वतखोरी एवं प्रशासनिक हठधर्मिता की पूरी दास्तान एक वीडियो बयान  के रूप में वायरल की थी,जो साक्ष्य के रूप में सोशल मीडिया पर उपलब्ध है।सायरा बानो ने पत्र में दोषी प्रभारी लेखपाल आर. के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित किया जाए। लेखपाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी,जालसाजी एवं आपराधिक लापरवाही की गंभीर धाराओं में अविलंब एफआईआर दर्ज कराने का आदेश प्रदान किया जाए।उपलब्ध वीडियो साक्ष्य एवं संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान किया जाए।
जांचकर्ता अधीक्षक एस एन सिंह से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन अधीक्षक का फोन नहीं उठा। जिसकी जानकारी आज सीएमओ संतलाल पटेल को श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने दी है। साथ ही यह भी कहा है कि पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो अधीक्षक और तहसीलदार को शामिल करते हुए यूनियन मजिस्ट्रेटी जांच की मांग के लिये बाध्य होगा।
September 18, 2026

तालाब में डूबा 23 वर्षीय युवक, एसडीआरएफ तलाश में जुटी, गांव में पसरा मातम



गोण्डा  - परसपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत चरसड़ी के मजरा चरसड़ी डीहा में 23 वर्षीय युवक के तालाब में डूबने से हड़कंप मच गया। युवक की पहचान परमजीत निषाद पुत्र के रूप में हुई है। घटना बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार परमजीत रोज की तरह घर के पास ही गया था। काफी देर तक वापस न लौटने पर खोजबीन शुरू की गई तो तालाब के किनारे उसकी चप्पलें मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। अनहोनी की आशंका से परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, मां और बहनें बेसुध हो रही हैं। सूचना पर परसपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ टीम को सूचना दे दी गई है। अंधेरा अधिक होने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन में दिक्कत आई। शुक्रवार सुबह से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तालाब में युवक की तलाश में जुटी है। गोताखोरों की मदद से तालाब की तलाशी ली जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं लगा है, तलाश जारी है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
September 18, 2026

गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग, उप गन्ना आयुक्त को सौंपा ज्ञापन



गोण्डा - गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश संगठन मंत्री दिलीप मिश्रा के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने देवीपाटन मंडल के उप गन्ना आयुक्त (डीसीसी) डॉ. आर.बी. राम से मुलाकात कर मुख्यमंत्री और गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले एक साल में डीजल, खाद, कीटनाशक, बीज और सिंचाई की लागत कई गुना बढ़ गई है। गन्ना प्रदेश की मुख्य नकदी फसल है और लाखों किसानों की आजीविका इसी पर टिकी है, लेकिन मौजूदा एसएपी में खेती घाटे का सौदा बन गई है। इस अवसर पर दिलीप मिश्रा ने कहा, "किसान कर्ज में डूब रहा है। गन्ने से बनने वाली चीनी 70 रुपये किलो तक बिक रही है, इथेनॉल से मिलें भारी मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन किसान को उसकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिल रहा। सरकार को जनहित में इस पेराई सत्र से ही 600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव घोषित करना चाहिए।" 
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस जायज मांग पर निर्णय नहीं लिया तो संगठन जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन को तेज करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में किसान भाई और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
September 18, 2026

डीएम की अध्यक्षता में भारत जनगणना-2027 को लेकर जिला स्तरीय कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक सम्पन्न



जनगणना कार्यों को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश:-जिलाधिकारी


गोण्डा - कलेक्ट्रेट सभागार में भारत जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की गई। 

बैठक के साथ ही जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण भी सम्पन्न कराया गया। इस दौरान जनगणना कार्यों की रूपरेखा, अधिकारियों की जिम्मेदारियों तथा गणना प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत जनगणना-2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने जनगणना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने तथा गणना प्रक्रिया में शुद्धता, पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े देश और प्रदेश के विकास की योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों को जनगणना कार्य की विभिन्न प्रक्रियाओं, दायित्वों एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए अधीनस्थ कार्मिकों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करें। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने तथा प्राप्त सूचनाओं की शुद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के जनसंख्या गणना कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि जनगणना कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सुचारु एवं प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रमोद झा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा, उपजिलाधिकारी तरबगंज सविता शुक्ला, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जनगणना प्रशिक्षक विनीत मिश्र, खण्ड शिक्षा अधिकारीगण, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका एवं नगर पंचायत सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
September 18, 2026

दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए संशोधित समयसारिणी जारी


गोण्डा  -  दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र छात्रों को योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन द्वारा संशोधित समयसारिणी जारी की गई है। निदेशक, समाज कल्याण उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र दिनांक 16 सितम्बर 2026 के क्रम में पोर्टल पर आवेदित, लेकिन डाटा त्रुटि, पीएफएमएस से रिजेक्ट अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भुगतान से वंचित पात्र छात्रों के डाटा को दुरुस्त कर नियमानुसार धनराशि हस्तांतरित करने की कार्यवाही की जाएगी।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि संशोधित समयसारिणी के अनुसार शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने की कार्यवाही 20 सितम्बर 2026 तक की जानी है। विश्वविद्यालय/एफिलियेटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन तथा रिजल्ट अपलोड करने की कार्यवाही 21 सितम्बर 2026 तक पूर्ण की जानी है। इसके बाद एनआईसी द्वारा पोर्टल पर स्क्रूटनी की कार्यवाही 23 सितम्बर 2026 तक की जाएगी।

उन्होंने बताया कि त्रुटिपूर्ण आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर से सही करने की अवधि 24 से 26 सितम्बर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं शिक्षण संस्थान द्वारा सत्यापित एवं पात्र डाटा अग्रसारित करने की कार्यवाही 24 से 28 सितम्बर 2026 तक की जानी है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य/प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे अपने संस्थान से संबंधित सभी कार्यवाहियां निर्धारित समयसारिणी के अनुसार अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं तथा विश्वविद्यालय/एफिलियेटिंग एजेंसी के स्तर से अपेक्षित कार्यवाही भी समय से सुनिश्चित कराएं, ताकि कोई पात्र छात्र छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित न रहे।

संशोधित समयसारिणी एवं विस्तृत जानकारी छात्रवृत्ति की आधिकारिक वेबसाइट www.scholarship.up.nic.in पर उपलब्ध है।