Jul 14, 2026

July 14, 2026

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के तहत दिव्यांगजनों को मिलेगी योजनाओं का बेहतर लाभ

जिलाधिकारी ने किया कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र का वितरण


गोण्डा  - जनपद में मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पांडेय भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रोहित नन्दन तिवारी एवं केदारनाथ पाण्डेय को संबंधित मानसिक दिव्यांगजनों का विधिक अभिभावक नियुक्त करते हुए कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं सुगमता से प्राप्त हो। कानूनी अभिभावक की नियुक्ति से ऐसे दिव्यांगजनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी तथा उनके आवश्यक कार्यों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।

कानूनी अभिभावक बनने से बैंकिंग, पेंशन एवं सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत कानूनी अभिभावक नियुक्त किए जाने के बाद मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों को अनेक महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है। अभिभावक उनकी ओर से बैंक खाता खुलवा सकते हैं, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवश्यक औपचारिकताएं संपन्न करा सकते हैं। इससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने में सहायता मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने पात्र परिवारों से अपील की कि वे राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार आवेदन करें, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
July 14, 2026

सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई





गोण्डा - जनपद में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग एवं धानेपुर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना, स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को बढ़ावा देना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा। संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न मार्गों पर स्कूल वाहनों एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों, फिटनेस, बीमा, परमिट तथा अन्य आवश्यक मानकों का गहन परीक्षण किया गया।

बिना फिटनेस, बीमा एवं परमिट संचालित दो स्कूल बसें सीज, छह वाहनों का हुआ चालान

अभियान के दौरान दो स्कूल बसें बिना वैध फिटनेस, बीमा, परमिट एवं अन्य अनियमितताओं के साथ संचालित पाई गईं। दोनों बसों को नियमानुसार धानेपुर थाने में सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने वाले छह स्कूल वाहनों का चालान किया गया। साथ ही यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य वाहन चालकों के विरुद्ध भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की गई।

संयुक्त प्रवर्तन टीम ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, वाहन के सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही वाहन संचालन करने के लिए जागरूक भी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें, सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन अपनाएं तथा सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहयोग दें। 

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने एवं कानून का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे संयुक्त विशेष प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
July 14, 2026

आत्महत्या हेतु उकसाने के 01 आरोपी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


गोण्डा - दिनांक 13.07.2026 को वादी पाटन पुत्र स्व0 नीवर निवासी ग्राम सिसई भीखपुर मजरा डुडवा थाना मनकापुर जनपद गोण्डा द्वारा थाना को0मनकापुर में लिखित तहरीर दी कि उनकी लड़की का विवाह विपक्षी राजकुमार पुत्र गौरी से 15 वर्ष पूर्व हुआ था, जिनसे 02 बच्चे है। शादी के बाद से ही उनके पुत्री को छोटी छोटी गलती निकाल कर अक्सर मारपीट कर प्रताडित करते थे। जिससे तंग आकर वादी की पुत्री ने दिनांक 12.07.2026 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0मनकापुर में मु0अ0सं0-287/2026 धारा 108 बीएनएस बनाम राजकुमार आदि 03 नफर अभियुक्तों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था ।
 आज दिनांक 14.07.2026 को थाना मनकापुर पुलिस टीम द्वारा आरोपी अभियुक्त - राजकुमार पुत्र गौरीप्रसाद निवासी बक्सरा आज्ञाराम तिलकपुर थाना को0मनकापुर जनपद गोण्डा को नवडिहवा चौराहे पास से गिरफ्तार कर लिया गया । गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना मनकापुर पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय रवाना किया गया।


July 14, 2026

बहराइच पुलिस अधीक्षक ने तबादला एक्सप्रेस चलाकर थानों के प्रभारी बदले

 बहराइच पुलिस अधीक्षक ने तबादला एक्सप्रेस चलाकर थानों के प्रभारी बदले

बहराइच, — पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने सर्किल मिहींपुरवा के थानेवार तबादले किए। मोतीपुर थाना प्रभारी आनंद चौरसिया का तबादला, ब्रह्मा गोंड को मोतीपुर का नया प्रभारी नियुक्त। मुर्तिहा कोतवाली के लिए इंस्पेक्टर रामनरेश को बहराइच भेजा गया। सुजौली थाना प्रभारी का भी स्थानांतरण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ये कदम कानून-व्यवस्था और त्वरित सेवा सुनिश्चित करने के लिए हैं।



July 14, 2026

अनियंत्रित होकर खंती में गिरा ट्रक, तीन लोग चोटिल

बदायूं - कैंटर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंदी में गिर गया,ट्रक को बचाने के चक्कर में यह घटना हुई।
 हादसे में चालक समेत दो लोगों चोटि हो गए, जिन्हें, इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना बिल्सी क्षेत्र के बेरमई बुजुर्ग गांव की बताई जा रही है।
July 14, 2026

रामायणकालीन विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, विकसित होगा गोंडा स्थित अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट






जहां सरयू की धारा पहुंचाने को प्रभु श्रीराम ने साधा था बाण, उस पावन रामघाट के विकास को मिली आस्था की उड़ान

प्रभु श्री राम से जुड़े आस्था स्थल को संवार रहा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, रामायण की अमर गाथा का साक्षी रहा है रामघाट

क्यूआर कोड स्कैन करते ही जान सकेंगे तीर्थ स्थल का इतिहास, नई पीढ़ी के लिए होगा और आसान

विरासत को संरक्षित कर भविष्य को सशक्त बना रहा यूपी टूरिज्म- जयवीर सिंह

गोण्डा - रामायण काल से जुड़ी आस्था और विरासत को संवारने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। रामायण सर्किट अंतर्गत जनपद गोंडा के त्रेतायुगीन दिव्य पौराणिक तीर्थ स्थल श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान श्रीराम ने बाण का संधान कर उसे दक्षिण दिशा में छोड़ा था। इसके परिणामस्वरूप सरयू नदी से निकली एक जलधारा यहां से होकर पुनः सरयू में जा मिली थी। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 66.86 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'गोंडा स्थित श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पर्यटन विकास कार्यों से तीर्थ स्थल पर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिलेगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे गोंडा जिले की पर्यटन पहचान और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जनपद में 3.41 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ।'

क्या होंगे विकास कार्य?
त्रेतायुगीन आस्था और इतिहास से जुड़े इस पर्यटन स्थल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। आगंतुकों की सुविधा को केंद्र में रखकर यहां मूलभूत पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। परिसर में विश्राम, ध्यान और योग जैसी गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण होगा। साथ ही सुगम भ्रमण पथ, आकर्षक लाइटिंग और त्रेतायुगीन इतिहास से रूबरू कराती विशेष बेंच स्थापित की जाएंगी। 

नई पीढ़ी को इस पौराणिक धरोहर से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड युक्त आधुनिक साइनेज भी लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड को स्कैन करते ही आगंतुक अपने मोबाइल पर स्थल का इतिहास, धार्मिक महत्व और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकेंगे। परियोजना के प्रथम चरण के लिए 50 लाख रुपए की धनराशि जारी कर दी गई है, जबकि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है।

प्रभु श्री राम से जुड़ा है 'रामघाट' का इतिहास
श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम गोण्डा जनपद के तरबगंज तहसील क्षेत्र के अमदही ग्राम पंचायत में स्थित है। वनवास से लौटने के बाद प्रभु श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया था। जनश्रुति है कि उन्होंने अष्टावक्र ऋषि को भी आमंत्रित किया, लेकिन ऋषि ने छह माह तक चलने वाले यज्ञ अनुष्ठान का हवाला देकर आने में असमर्थता जताई। जिज्ञासावश श्रीराम स्वयं रामघाट स्थित आश्रम पहुंचे। ऋषि ने बताया कि अनुष्ठान के लिए तीन कोस दूर सरयू से जल लाना पड़ता है। इस पर श्रीराम ने बाण चलाकर सरयू की जलधारा आश्रम तक पहुंचा दी। यह धारा बाद में बरसोत नाम से प्रसिद्ध हुई। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने यहीं स्नान किया। ऋषि अष्टावक्र का यज्ञ संपन्न कराया और उन्हें अपने साथ अयोध्या ले गए। तभी से यह स्थान रामघाट के नाम से जाना जाता है।

रामायण सर्किट को मिल रहा विस्तार
रामायण सर्किट को विस्तार देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नए आस्था केंद्रों को जोड़ रही है। इसी कड़ी में अब अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए गोंडा स्थित पौराणिक अष्टावक्र ऋषि आश्रम एक नए आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। राम जन्मभूमि से महज एक घंटे की दूरी पर तरबगंज क्षेत्र की अमदही ग्राम पंचायत में स्थित यह प्राचीन आश्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ प्राकृतिक वातावरण का भी अनुभव कराएगा। राज्य की राजधानी लखनऊ से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 120 किलोमीटर की दूरी तय कर भी यहां ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। वहीं, रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए गोंडा जंक्शन निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन है। 

विरासत को संरक्षित कर भविष्य को सशक्त बना रहे- मंत्री
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'त्रेतायुगीन श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट जैसे पौराणिक तीर्थ स्थलों का विकास हमारी विरासत को संरक्षित करते हुए भविष्य की संभावनाओं को सशक्त बनाने का माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ आस्था, पर्यटन और स्थानीय विकास को एक सूत्र में पिरोकर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन मानचित्र शिखर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।'
July 14, 2026

सावन माह को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने बुलाई बैठक

सहारनपुर - सावन पर्व को देखते हुए डीएम और SSP ने अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक किया। आगामी श्रावण मास के सोमवार व शिवरात्रि को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। सावन माह में कांवड़ मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद रखने का निर्देश दिया गया।