Feb 13, 2026

February 13, 2026

चाय के खोखे पर मिली दारोगा की बाइक, दो माह से फरार हैं दारोगा

हापुड़ - दारोगा की बाइक चाय के खोखे पर बरामद हुई,
बताया जा रहा है कि दो माह पूर्व बाइक खड़ी कर दरोगा फरार हो गए थे। फरार दारोगा नितिन पर अमरोहा में मुकदमा दर्ज है। दरोगा नितिन सिंभावली थाना पर तैनात थे।

February 13, 2026

राहुल नाम बताकर सूफियान ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया, बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने की पीटाई

मेरठ - ब्रह्मपुरी क्षेत्र से लव जिहाद का मामला सामने आया है, जहां जिम ट्रेनर पर हिन्दू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर गुमराह किया गया। आरोप है कि सूफियान ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया और रेस्तरां में वैलेंटाइन सेलिब्रेट कर रहा था , तभी मौके पर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सूफियान की पीटाई की तथा आरोपी के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि सूफियान ने युवती को अपना नाम राहुल बताया और उसे गुमराह करके अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।



Feb 12, 2026

February 12, 2026

सफलता की एक्सप्रेस: गोंडा के 'एसीएल' को देश में डायमंड, यूपी में मिला गोल्ड


बड़ी जीत: नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में गूंजा कर्नलगंज का नाम, अजीत प्रताप दीक्षित को मिला दोहरा सम्मान

ब्यूरो, नई दिल्ली/गोंडा उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र की मेधा ने राष्ट्रीय पटल पर सफलता का परचम लहराया है। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति का सूत्रपात करने वाली संस्था 'एसीएल एकेडमी ऑफ कंप्यूटर लर्निंग' ने 'लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025' में इतिहास रचते हुए दो बड़े पुरस्कार अपनी झोली में डाले हैं। एकेडमी को राष्ट्रीय स्तर पर 'नेशनल ग्लोबल डायमंड अवार्ड' और प्रदेश में शीर्ष स्थान के लिए 'स्टेट गोल्ड अवार्ड' से नवाजा गया।
नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समारोह के दौरान लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजेश गोयल (IAS), कोटा यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा और आरजीसीएसएम के चेयरमैन डॉ. केपी सिंह ने संयुक्त रूप से यह सम्मान संस्थान के निदेशक अजीत प्रताप दीक्षित को सौंपा।

हरियाणा-बंगाल का वर्चस्व खत्म, यूपी ने मारी बाजी
अब तक इन पुरस्कारों पर हरियाणा और पश्चिम बंगाल के संस्थानों का दबदबा रहता था, लेकिन इस बार कर्नलगंज (गोंडा) की इस संस्था ने उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। वक्ताओं ने कहा कि अजीत प्रताप दीक्षित ने 'डिजिटल इंडिया' के सपने को गांवों की पगडंडियों तक पहुँचाया है।

20 साल का तप: लालटेन से लैपटॉप तक का सफर

यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। करीब दो दशक पहले, जब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और इंटरनेट एक सपना थे, तब अजीत दीक्षित ने तकनीकी शिक्षा का बीज बोया था। आज यहाँ से प्रशिक्षित हजारों युवा देश-विदेश की नामी कंपनियों में अपनी सेवा दे रहे हैं।

> संकल्प: "हमारा लक्ष्य सिर्फ सर्टिफिकेट बांटना नहीं, बल्कि हर हाथ को हुनरमंद बनाना है ताकि बेरोजगारी को जड़ से मिटाया जा सके।"
> — अजीत प्रताप दीक्षित, निदेशक

यूपी के केंद्र निदेशकों में खुशी

संस्थान की इस उपलब्धि पर गोंडा और अवध क्षेत्र के शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और छात्रों में भारी उत्साह है। एकेडमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक रमेश पांडेय, बलदेव पांडेय, सौरभ गुप्ता, अजय मौर्या सहित पूरी टीम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

 
February 12, 2026

श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता

 श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता 

फखरपुर, क्षेत्र के कोठवल  कला में विगत कई दिनों से चल रही संगीतमय  श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन कथा व्यास आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री जी महाराज  ने श्री कृष्ण रुक्मणी  के विवाह का प्रसंग सुनाया आचार्य जी ने कहा कि वैदिक सभी आठ विवाह में श्रेष्ठ गंधर्व विवाह का विस्तार से वर्णन किया कुंदनपुर नाम का एक देश था जिसमें भीष्मक नाम के राजा राज करते थे उनके पांच पुत्र थे रुक्मी, रुक्मरथ, रूकबाहु, रुकमकेश, रुकममाली था  साथ में एक पुत्री थी जिसका नाम रुक्मणी था जो स्वयं आदि शक्ति जगदंबा थी एक दिन पिता भीष्मक ने रुक्मणी को सहेलियां के साथ खेलते हुए देखा तो सोचा कि रुक्मणी विवाह योग हो गई है इसका विवाह करना चाहिए इसके लिए भीष्मक ने मन ही मन श्री कृष्ण का चयन किया लेकिन बड़ा बेटा रुक्मी ने इस विवाह का विरोध किया रुक्मी चाहता था कि रुक्मणी का विवाह चंदेली नरेश दम घोष पुत्र शिशुपाल के साथ हो जिसका उसने  लग्न पत्रिका भेज दिया था विवाह का दिन निश्चित हो गया था शिशुपाल अपनी बारात लेकर कुंदनपुर की ओर चला लेकिन रुक्मणी श्री कृष्ण से प्रेम करती थी इसलिए पत्र लिखकर ब्राह्मण को द्वारिका भेजा था पत्र पाकर भगवान कन्हैया कुंदनपुर आकर रुक्मणी के साथ विवाह किया भागवत की महिमा को समझाते हुए आचार्य जी कहते हैं कि भागवत ज्ञान का अथाह सागर है जिसमें पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं जो भी ठाकुर जी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है वह भव से पर हो जाता है प्रारंभ में भगवान श्री कृष्ण का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि सांदीपनि के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधो गोपी संवाद, उधो द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना , द्वारिका की स्थापना, एवं रुक्मणी विवाह, महारास में  भगवान श्री कृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आवाहन किया और जीवात्मा से परमात्मा का मिलन हुआ जीव और ब्रह्म के मिलने को ही महारास कहते हैं भजन गायक रोहित मिश्रा, संतोष,दिलीप ने बस कभी श्याम आ जाए, आ जाइए श्री राधे राधे,  राधे के चरणों से उड़ रही धूल, मोहे प्यारी लगे मुरली की तान, दौड़ी आई सांवरिया पर श्रोता भाव विभोर होकर  झूमने  लगे  आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति आवश्यक है भगवत प्राप्ति के लिए निश्चय ही परिश्रम भी जरूरी है मुख्य यजमान सापत्नी देवनाथ सिंह ने पूजा आरती के पश्चात कथा श्रवण किया इस अवसर पर अजीत प्रताप सिंह, रवि सिंह, सूबेदार सिंह, अंकुर सिंह, राहुल सिंह, संदीप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

February 12, 2026

सब इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका; एडीएम भाई ने उठाए गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग



देवरिया- बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात एसएसआई अजय कुमार गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के छोटे भाई और झांसी में तैनात एडीएम अरुण कुमार गौड़ ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बुधवार को देवरिया स्थित अपने आवास पर परिजनों व शुभचिंतकों से चर्चा करते हुए एडीएम अरुण कुमार गौड़ ने कहा कि जब जांच उन्हीं लोगों के हाथों में होगी, जिन पर संदेह है, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला सामान्य मौत का नहीं, बल्कि गहरी साजिश का संकेत देता है।
एडीएम अरुण कुमार गौड़ ने थाने में भोजन बनाने वाले फॉलोवर की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि संबंधित फॉलोवर ने बीते दो दिनों में तीन बार अपना बयान बदला है, जिससे उस पर संदेह और गहरा हो गया है। बयान बदलना किसी बड़े सच को छिपाने की ओर इशारा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय प्रभारी एसओ की भूमिका भी संदिग्ध है। घटना से ठीक एक दिन पहले प्रभारी एसओ छुट्टी पर चले गए थे और चार्ज अजय कुमार गौड़ को सौंप दिया गया था। इसके बाद जब प्रभारी एसओ का मोबाइल फोन बंद मिला, तो न तो थाने स्तर पर और न ही उच्चाधिकारियों द्वारा उन्हें तलाशने की कोई गंभीर कोशिश की गई।
एडीएम अरुण कुमार गौड़ ने कहा कि पुलिस विभाग में जहां हर समय अधिकारियों का सक्रिय रहना अनिवार्य है, वहां एक थाने के प्रभारी अधिकारी के अचानक गायब होने और संपर्क में न रहने पर भी कोई खोजबीन न किया जाना बेहद चौंकाने वाला है। वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने मांग की कि मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय जांच टीम से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके।
दरोगा अजय कुमार गौड़ की मौत को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें शासन और पुलिस विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
February 12, 2026

यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ संयुक्त अभियान में बस और मालवाहन किया गया जब्त

 
गोण्डा - एआरटीओ प्रशासन एवं यातायात निरीक्षक गोण्डा द्वारा जिले में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया गया। 
इस अभियान के दौरान विशेष रूप से एआईटीपी बसों और सामान्य बसों के संचालन की निगरानी की गई।
अभियान के तहत करनैलगंज चौराहे पर तीन बसों के खिलाफ कार्यवाही की गई। इन बसों की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया। इनमें से एक बस को तत्काल सीज कर दिया गया। अन्य दो बसों के चालकों को चेतावनी देकर आगे की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया। अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का पालन कराना था।
इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान जिले के अन्य प्रमुख स्थानों पर माल वाहनों की भी जांच की गई। जांच में तीन माल वाहनों के खिलाफ नियमों का उल्लंघन पाया गया। इन वाहनों को जब्त कर लिया गया और उनके चालकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। जब्ती की गई वाहन मालिकों को निर्धारित शुल्क और जुर्माने के नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि यह अभियान नियमित रूप से चलता रहेगा ताकि जिले में यातायात सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। 
अभियान के दौरान यातायात निरीक्षक और संबंधित अधिकारियों की टीम ने मिलकर हर वाहन की जाँच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को तुरंत चेतावनी या जब्ती की कार्रवाई की।
एआरटीओ प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सभी के लिए सुरक्षित यातायात सुनिश्चित किया जा सके। 
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे अभियान और कड़े नियमों के पालन के माध्यम से सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
इस अभियान में दिखाए गए कड़े रुख से स्पष्ट है कि गोण्डा प्रशासन यातायात नियमों के पालन और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
February 12, 2026

आखिकार घूसखोरी में फिर नप गए दारोगा एस एन यादव

मुकदमा लिखाने का आश्वासन देकर ली गई थी 2000 रुपए की घूस

डीआईजी की जांच में खुलासे के बाद हुए निलंबित, विभागीय जांच स्वीकृत

श्रावस्ती। बहराइच में  तैनाती के दरान अपने कारनामों  के लिए मशहूर उपनरीक्षक  एस एन यादव एक बार फिर घूसखोरी में नप गए हैं । घूस की रकम लेने लेने के बाद पीड़ित द्वारा की गई डीआईजी  शिकायत के बाद गोपनीय जांच में रुपए लेने की पुष्टि हुई । जिसके बाद डीआईजी के आदेश पर उप निरीक्षक एस  एन यादव को निलंबित कर दिया गया है । वही एक अन्य उप निरीक्षक अंकुर वर्मा को भी निलंबित किया गया है । गौरतलब हो कि जनपद श्रावस्ती अंतर्गत कोतवाली भिनगा के हल्लाजोत निवासी फूलमती पत्नी जगत राम का पड़ोसी से विवाद हुआ था । जिसमें मुकदमा लिखने व विपक्षी के विरुद्ध कार्यवाही के आश्वासन की घुट्टी पिलाकर जेल चौकी प्रभारी  उप निरीक्षक एस  एन यादव द्वारा  पीड़ित से 2000 रुपए की घूस ली गई थी।  उसके बाद मुकदमा भी नहीं दर्ज किया गया।  इस पर पीड़ित द्वारा डीआईजी के भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी । शिकायत के बाद डीआईजी द्वारा भ्रष्टाचार के मामले को देखते हुए गोपनीय जांच करायी गयी । जिसमें आरोप सही पाए गए । आरोप सही पाए जाने के बाद श्रावस्ती पुलिस द्वारा भी मामले की जांच की गई । जिसमें भी आरोप सही पाए गए। जिस पर  उपनिरीक्षक एस एन यादव को निलंबित कर दिया गया है। वही मामले में विभागीय जांच की संस्कृति कर दी गई है। ज्ञातव्य हो कि यह वही उपनिरीक्षक है जो बहराइच में मटेरा चौकी पर तैनाती के के दौरान घूसखोरी की रकम जेब में रखते हए 11 जनवरी 2020 को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था । बावजूद इसके तत्कालीन एसपी द्वारा मामले में निलंबन न करते हुए मात्र लाइन हाजिर कर इति श्री कर ली गई। वही बहराइच में तैनाती के दौरान कई अन्य घूसखोरी के मामले भी प्रकाश में आए थे पर कप्तान की मेहरबानी से बच निकले थे। वहीं जनपद गोंडा में भी तैनाती के दौरान दारोगा शेषनाथ यादव का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तत्कालीन एसपी संतोष कुमार मिश्रा द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब सवाल यह है कि घूसखोरी में बार-बार निलंबन के बाद भी दारोगा को सेवा विस्तार दिया जा रहा है । ऐसे दरोगा को जनहित में सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए।